बेटी है तो भविष्य है, बेटी है तो खुशहाली है
माँ कुसुम कन्या गौरव योजना
जन्म से आत्मनिर्भरता तक – हर बेटी के उज्जवल भविष्य का संकल्प
आज का छोटा सहयोग... कल आपकी बेटी की शिक्षा, कौशल विकास और सम्मानजनक भविष्य की ओर एक मजबूत कदम।
बेटी का भविष्य
आपकी बेटी को मिल सकते हैं
शिक्षा हेतु मार्गदर्शन एवं सहयोग
16 वर्ष की आयु के बाद कौशल विकास एवं रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण
उपलब्ध योजनाओं के अनुसार
समय-समय पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं स्वास्थ्य परामर्श
छात्रवृत्ति एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी
रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन
व्यक्तित्व विकास एवं करियर काउंसलिंग
विवाह सहायता
विवाह सहायता
पात्र लाभार्थी बेटियों को विवाह योग्य आयु पूर्ण होने पर ₹51,000 से ₹1,21,000 तक की विवाह सहायता प्राप्त करने का अवसर
₹51,000 से ₹1,21,000 तक की आर्थिक सहायता
*शर्तें लागू
विवाह सहायता किट
सिलाई मशीन / स्वरोजगार किट
गृह उपयोगी सामग्री
आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत हेतु सहयोग
18 वर्ष एवं उससे अधिक
विवाह सहायता के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष अनिवार्य
सहायता संस्था के उपलब्ध CSR सहयोग, दान एवं कल्याण कोष के आधार पर प्रदान की जाएगी। नियम एवं शर्तें लागू।
योग्यता
योग्यता (Eligibility)
- जन्म से 5 वर्ष तक की बालिकाएँ
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियाँ
- ग्रामीण, आदिवासी एवं वन क्षेत्र की बालिकाएँ
- अनाथ, निराश्रित, दिव्यांग एवं एकल अभिभावक परिवार की बेटियाँ
- संस्था द्वारा निर्धारित अन्य पात्रता शर्तें पूर्ण करना आवश्यक
आवश्यक कागज़ात
आवश्यक दस्तावेज
- जन्म प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- परिवार पहचान पत्र (यदि उपलब्ध)
- आय प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध)
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
पारदर्शिता हमारी पहचान
पारदर्शिता हमारी पहचान
- हर पंजीकृत बेटी का डिजिटल रिकॉर्ड एवं नियमित फॉलो-अप
- यह योजना किसी भी प्रकार की निवेश, बचत, बैंकिंग, बीमा या रिटर्न देने वाली योजना नहीं है।
- ₹2100 केवल सदस्यता सहयोग राशि है।
- विवाह सहायता, शिक्षा सहायता एवं अन्य लाभ संस्था के उपलब्ध CSR सहयोग, दान, जनसहयोग एवं "माँ कुसुम कन्या गौरव कल्याण कोष" के आधार पर पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। अंतिम सहायता राशि, स्वरूप एवं चयन संस्था की नीति, उपलब्ध संसाधनों एवं नियमों के अनुसार होगा।
पंजीकरण / संपर्क करें
QR कोड स्कैन करें और तुरंत पंजीकरण करें
हर बेटी शिक्षित बनेगी, हर बेटी कुशल बनेगी, हर बेटी आत्मनिर्भर बनेगी, हर बेटी सम्मान से जियेगी।
हर बेटी शिक्षित * हर बेटी आत्मनिर्भर * हर बेटी सम्मानित